16-05-2020 * Sobbing silence *


*सिसकती हुई खामोशी*

वो कहते है ना, जो किस्मत में होता है
उसे खुद खुदा भी नहीं बदल सकता….
यह किस्सा महज़ एक किस्सा नहीं है
जिसे पन्नों के साथ
पलट कर पढ़ा और
ख़तम हो गया….।
इस एक किस्से से कई किस्से बने 
और फिर एक किस्से ने कब कहानी बना दी,
इसका एहसास तब हुआ, जब लगा कि
ज़िन्दगी ने यह गजब खेल खेला मेरे साथ, और मुझे इसकी भनक भी नहीं लगी….






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