27-05-2020 *Sobbing Silence* [Part 7]



*'Golu' ohh.... Quite interesting hmmmm*

जाने क्या बात थी उसमें,
बिना कुछ कहे ही 
मैं उसकी ओर खिंची चली जा रही थी...

वक़्त को अभी बहुत कुछ सिखाना था मुझे,
और साथ ही मुझसे मेरी मासूमियत जो छीन नी थी।

Hello, Sameer वहां से आवाज़ आई ,
सब ख़ामोश हो गया,
(बहुत हूं धीरे धीरे बातें करने लगा)
Simran, 
मुझे पता था तुम ही हो,
और तुम मुझे call करोगी,
वो भी आज ही, यह नहीं पता था।
कैसी हो? ....... बोलो क्या हुआ ?

(Call Cut)

मैं बहुत डर गई थी,
मैं बहुत कुछ बोलना चाहती थी,
पर कुछ भी बोल ना पाई.....

*जैसे मुझे अन्दर से कोई पकड़ रहा हो*
*जैसे मेरी आत्मा को कोई दबा रहा हो*
*जैसे मेरी सांसें बंद हो रही हो*
*जैसे मैं किसी बर्फ वाले पानी मै डूबती जा रही हूं।*


*वो landline का ज़माना भी क्या गज़ब हुआ करता था.... कि उनसे बात करने के लिए रात का इंतज़ार करना पड़ता था* 
(poetry by © CHAROO SHARMA)

मन में बहुत बेचैनी थी,

पहली दफा मैंने किसी लड़के को,
इतनी दिल की गहराइयों से जानना चाहा,
अब वो मेरे लिए मेरी ज़िद्द बन गया था...

चाहे जो हो जाए,
मेरी किस्मत मुझे खुद को लिखने थी।

रात के वक़्त एक miss call आया और कट हो गया,
2:30 am  हो रहे थे ,
मन में कुछ खयाल आए और फिर सोचा ये शायद unknown call होगा  ....

क्यों कि उसके पास तो मेरा नो ही नहीं है, तो फिर call  कैसे आएगा ।

मैं All Indian Radio  पर  गाने सुन रही थी।

एक छोटा सा  Radio Mini Box हुआ करता था।

AIR  पर गाना आया......

*आने से उसके आए बाहर,
जाने से उसके जाए बाहर
बड़ी मस्तानी है मेरी महबूबा* ..........


       ............…........…......................



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