17-05-2020 *Sobbing Silence* (Part-3)
Teacher ने पूरी स्कूल को साथ में हमें play करने को कहा।
इसमें गलती मेरी नहीं थी, उस teacher
की थी,
जिसने यह कदम उठाने पर मजबूर किया मेरे दिल को……
वो दिन मुझे याद है
वो co-incident आज भी याद है…
दिन भी 16th था,
मेरा और मेरा partner का no. भी 16 था,
किसे ये मालूम था
की यह महज़ 16 no. कितना lucky
या unlucky साबित होने वाला था।
उस दिन मैंने उसे थोड़ा गौर से देखा था,
(उसे, वो ही हमारे Blue House के Captin)…
मेरा दिल उस दिन पहली दफा जोरो से धड़क था,
मेरी चाहत उस दिन मुझसे ज्यादा बेकरार थी,
मेरी आंखे सिर्फ उस को एक टक देख रही थी,
सब ख़ामोश हो गया हो ऐसा महसूस होने लगा था,
वक़्त जैसे वहीं पर ठहर गया हो ऐसा लगने लगा था।
Ma’am ने फिर आवाज़ लगाई वापस लौटने का वक़्त हो गया था।
मैं तो वहां से चली गई थी पर मेरा दिल वापस मेरे साथ लौटा नहीं था।
वो तो कोई और ही कहानी बुनने में लगा हुआ था।
कोई कहानी बनाने में जुटा हुआ था ।
वो ऐसी कहानी जो कभी ख़त्म ना होने वाली थी।
और मुक्कमल भी नहीं होने वाली थी।
वो प्यार जो परवान चढ़ने वाला था।
पर रिश्तों के आगे दबने वाला था।
वो मासूमियत से शुरू होने वाला प्यार,
कही रंजिश बन कर एक आग का रूप लेने वाला था।
एक चिंगारी को ज्वालामुखी बनाने वाली थी।
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