16-05-2020 *Sobbing Silence* (Part 2)
किस्सा, कहानी बनती तब ठीक था,
पर इस किस्से ने तो कहानी और फिर इतिहास ही रच दिया,
और किसी को कानों कान खबर भी ना हुई….।
*10th August 2002*
*Independent Day* preparation चल रहा था स्कूल में,
Four House – ( Red, Yellow, Green, Blue)
मैं *Blue House* में थी ।
सुबह का वक़्त *match past* हो रही थी।
Ohh…. मैं, Simran Sharma…
एक लड़की पूरे जोश और उत्साह से भरी थी,
सुन्दर घुंगराले बाल,
चोटी से चोटी में बंधे थे ।
धीरे धीरे वक़्त गुज़र गया, महीना बीत गया.
सब कुछ अच्छे से चल रहा था, फिर next month आया September.
फिर school से picnic
जाने का मौका मिला.
school bus से हम सब वहां पहुंचे।
*16th September 2002*
ये दिन मेरी ज़िन्दगी के मायने बदलने वाला था ।
वो उम्र महज़ 13 साल,
कितना मासूम वक़्त होता है
Teenager के दौर से पहले
और उस दौर में अगर
प्यार हो जाए, तो वो प्यार पूरी ज़िन्दगी याद रहता है,
वो पहला प्यार जो हर कहानी में अपने आप साये की तरह पीछा करता हैं, और चाह कर भी उससे दूर नहीं जा सकते….
ऐसा लगता है कि जितना दूर हम इस प्यार से भग रहें है, वो उससे दुगनी तेज़ी से हमारे आने वाले कल के सामने आ कर खड़ा हो जाता है।
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